दोस्तों आज आपलोगो को एक ऐसी कहानी बताने वाला हु जिसको पढ़ कर आपलोगो को शायद यकीं न हो। मै बता दू की मै बिहार के एक छोटे से गांव में रहता हु। हमारे परोस में एक लड़की रहती है जिसका नाम है निम्मी और उसकी शादी 2010 में हुई थी। उस लड़की की कहानी पूरे गांव में मशहूर है क्यों की वो अचानक से कही गायब हो गई थी। लोगो का कहना था की उसकी शादी शायद उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी इसलिए वह अपने प्रेमी के साथ कही भाग गई थी और कुछ लोगो का कहना था की उसके ऊपर बचपन से ही भूत का साया था। हमारे गांव के पढ़े लिखे लोग ये कह रहे थे की वो अपने पति से संतुष्ट नहीं हो रही थी इसलिए वो कही भाग गई। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था तो उसके पापा जिसको हम दिनकर बाबा कह के बुलाते है पुलिस स्टेशन में गुमसुदगी की रिपोर्ट लिखवाने चले गए। गांव में पुरे एक महीने तक पुलिस वाले गश्त लगाते रहे मगर उनके हाथ भी कोई सुराग नहीं लगा। वो लगातार दिनकर बाबा से पूछताछ करते थे और बाबा को अब लगने लगा था की पुलिस उनको तंग कर रही है और निम्मी अब कही मिलने वाली नहीं है। वो अक्सर रात को कुछ लोगो को लेकर निम्मी को ढूंढते रहते थे और उन्हें अपने काम में भी मन नहीं लगता था। रविवार की वो सुबह मुझे आज भी याद है की एक लड़की की लाश नदी किनारे मिली थी और सब अनुमान लगा रहे थे की वो लाश कही दूर से बह कर आयी थी मगर पुलिस का कहना था की वो लाश निम्मी की थी और दिनकर बाबा ये बात समझने को तैयार नहीं थे की निम्मी की मौत हो चुकी है। पुलिस के सामने एक बहोत बड़ी चुनती थी की वो इस रहस्य को सुलझा सके। पुलिस को मिन्नी के पति अशोक पर शक था क्यों की वही एक शख्स था जो अभी तक इस मामले में गायब था। बाबा से पूछताछ करने पर अशोक का पता मिल गया। वह दिल्ली के लाजपतनगर में रहता था और निम्मी उस के साथ नहीं रहती थी। निम्मी बाबा के साथ गांव में रहती थी और वो वही से गायब हुई थी। पुलिस ने अशोक से बहोत पूछ ताछ की मगर उसने कुछ खास नहीं बताया। सुरु हुई पुलिस की तहकीकात। अपनी पूरी ताकत इस केस को सुलझाने में झोक दी और निम्मी की साडी सहेलियों से एक एक कर के पूछ ताछ सुरु कर दी। ऐसा करने से पता चला दिन निम्मी गायब हुई थी उसी दिन उसकी एक सहेली रूबी दिल्ली गई थी। निम्मी और रूबी दोनों को एकसाथ स्टेशन जाते हुए गोपालपुर वाली काकी ने देखा था। पुलिस ने बिना देर किये एक टीम तैयार किया और रूबी के पीछे दिल्ली निकल परी। दिल्ली पहोचते ही पुलिस ने सभी रेलवे स्टेशन का cctv फुटेज निकालना सुरु कर दिया। निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के फुटेज में निम्मी और रूबी दोनों एक साथ दिखाई परे और साथ में अशोक भी था। पुलिस के पास अशोक के लाजपतनगर का पता था और पुलिस वह पहोच गई। वह पहोचने के बाद पता चला की अशोक घर पर नहीं था और वो किसी काम से कोलकाता गया था। पुलिस चौकन्नी हो गई थी की कही किसी ने अशोक को उनके आने की सुचना तो नहीं दी। पुलिस ने तमाम अखबारों में रूबी की फोटो जारी कर दी और उसका पता बताने वाले को इनाम देने का भी जिक्र किया। उसके बाद बिहार पुलिस कोलकाता के लिए रवाना हो गई। सियालदह स्टेशन पर भी कैमरा के फुटेज को खंघाला गया मगर अशोक नहीं मिला। इसी बिच किसी ने फोन पर सुचना दी की रूबी कोलकाता में है और उसके साथ अशोक भी है दोनों रॉयल होटल सियालदह में है। सुचना देने वाले ने अपना नाम गुप्त रखा। बिहार पुलिस और कोलकाता पुलिस के संयुक्त मदद से उस होटल में धावा डाला गया और अशोक को रूबी के साथ पकड़ा गया। बाद में अशोक ने सब सच बता दिया की वो लकियो को बड़े पार्टियों में भेजता था और ये काम निम्मी को पसंद नहीं था। रूबी अशोक के प्रेम जाल में फांसी हुई थी और अशोक उसका फायदा उठा रहा था। निम्मी के विरोध करने के कारन दोनों ने मिल कर निम्मी को मारा था और उसकी लाश को गांव में नदी किनारे एक मछुआरे की मदद से ठिकाना लगाया था। अशोक ने यह भी बताया की निम्मी उसकी पहली बीबी नहीं थी बल्कि उसने कई साडी शादिया की थी।
